इक बंजारा गाये जीवन के गीत सुनाये

इक बंजारा गाये जीवन के गीत सुनाये 
हम सब जीने वालों को जीने की राह बताये 
इक बंजारा ओ 
ज़माने वालों किताबे गम मैं, ख़ुशी का कोई फ़साना ढूंढो-२
अगर जीना है ज़माने में तो, हंसी का कोई बहाना ढूंढो ओ ओ 
आँखों में आंसू भी आये तो आकर मुस्काए 
इक....................हम...................................................
सभी का देखो नहीं होता है, नसीबा रोशन सितारों जैसा-२
सयाना वो है जी पतझर में भी, सजा ले गुलशन बहारों जैसा ओ ओ 
कागज के फूलों को भी जी महका कर दिखलाये 
इक....................हम...................................................

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