चल चल चल मेरे साथी ओ मेरे हाथी

चल चल चल मेरे साथी, ओ मेरे हाथी
चल ले चल खटारा खींच के 
चल यार, धक्का मार 
बंद है मोटर कार 
चल यार धक्का मार 
चल चल चल ...

फूलों सी नाज़ुक है वो, मोटर में बैठी है जो 
आहिस्ता आहिस्ता चल, उसको ना तकलीफ़ हो 
हाय हाय, खा ना जाये 
हाय हाय, खा ना जाये उसकी नाज़ुक कमरिया बल, चल 
चल चल चल ...

है है ओहो हो ...

खिदमत तेरी काम दे, शायद वो ईनाम दे 
कर उस हसीं को सलाम, आँखों से पैगाम दे 
पास आजा, ओ सुन राजा 
पास आजा, ओ सुन राजा 
ऐसा मौका ना जाये निकल, चल 
चल चल चल ...

तू यारों का यार है, कितना वफ़ादार है 
झूठा है सारा जहाँ, सच्चा तेरा प्यार है
तू पगला, ना बदला, 
तू पगला, ना बदला 
सारी दुनिया गयी है बदल, चल 
चल चल चल ...

Comments

Popular posts from this blog

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ तेरे प्यार में कविता

बोल मेरे साथिया कितना मुझसे प्यार है

चाँद मेरा दिल चांदनी हो तुम