कभी तेरा दामन न छोड़ेंगे हम
कभी तेरा दामन न छोड़ेंगे हम-२
चाहे ज़माना करे लखो सितम हां-२
कभी तेरा दामन न छोड़ेंगे हम-२
सनम मेरी जन्नत है तेरे कदम है-२
कभी तेरा दामन न छोड़ेंगे हम
कभी तेरा दामन
मोहबत के शोलों में
जलता रहूँगा,
तेरा नाम लेके में चलता रहूँगा
ठोकर भी खाके संभालता रहूँगा
बड़े है मुहब्बत के हम पे करम -२
कभी तेरा दामन न छोड़ेंगे हम
कभी तेरा दामन
देंगी सहारा जो तेरी
निगाहें
तो आसन होंगी मुहब्बत कि रहें
के मंजिल है मेरी ये तेरी ही बांहे
चले हैं सफ़र पे ये खाके कसम-२
कभी तेरा दामन न छोड़ेंगे हम
कभी तेरा दामन
मचलती उम्मीदें इरादे
जवां हैं
के बस में हम्हारे जमीं आसमां हैं
मुहब्बत वहीँ हैं हम तुम जहाँ हैं
मिलाकर चलें हैं कदम से कदम-२
कभी तेरा दामन न छोड़ेंगे हम
कभी तेरा दामन
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