तू ही वो हसीं है तू ही वो हसीं है

तू ही वो हसीं हैतू ही वो हसीं है

जिसकी तस्वीर, ख़्यालों में, मुद्दत से बनी है

तू ही वो हसीं है................हो तू ........................

जिसकी............................................................

तू ही वो हसीं है...............हाय तू .......................

रूखे रौशन पे, ज़ुल्फ़ें बिखराए हुए

जैसे चंदा पे, बादल हों छाये हुये
मैंने देखा तुझेतो मेरा दिल मुझे
यही कहने लगा हो मेने...................................
ढूँढे नज़रें, जिसे दिन रात
कोई और नहीं है
तू ही वो हसीं है...............हाय तू .......................

मेरीआवारा तबियत को
एक राहे मुस्तकिल मिल गयी
अब ना, तरसूँगा, मैं राहत को
मुझे ख़्वाबों की, मंज़िल मिल गयी
संगेमरमर की, मूरत है, तराशी हुई
मेरी आँखों को, बरसों में, तसल्ली हुई
मैंने देखा तुझेतो मेरा दिल मुझे
यही कहने लगा हाय मेने...................................
ऐसी ही किसी, मूरत की,
मेरे मंदिर में कमी है

तू ही वो हसीं है.................हो तू ........................

जिसकी............................................................

तू ही वो हसीं है................हाय तू .........................


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