हुस्न से चाँद भी शरमाया है तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है

हुस्न से चाँद भी शरमाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
हुस्न से चाँद भी शरमाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
हाय इन प्यार में डूबी हुयी आँखों की कसम
हाय इन प्यार में डूबी हुयी आँखों की कसम
आदमी क्या है फ़रिश्तों के बहक जायें कदम
बिन पिये मुझपे नशा छाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
हुस्न से चाँद भी शरमाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
 
मुस्कुरायें जो तेरे लब तो बहारें आयें
खिल गये फूल पड़ी तेरी जहाँ परछाई
तूने गुलशन मेरा महकाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
हुस्न से चाँद भी शरमाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
 
देख कर तुझको मिज़ाज-ए-बहार
रंग बदला है बहारों ने यहाँ
प्यार के फूल महकने लगे दिल में
आज महफ़िल में कोई दिल है लगाया
 
हुस्न से चाँद भी शरमाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
हुस्न से चाँद भी शरमाया है
तेरी सूरत ने गज़ब ढाया है
 

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