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Showing posts from 2016

तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे

तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे संग संग तुम भी गुनगुनाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हो तुम मुझे यूँ ... वो बहारें वो चांदनी रातें , हमने की थी जो प्यार की बातें -2 उन नज़ारों की याद आएगी जब खयालों में मुझको लाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हो तुम मुझे यूँ ... मेरे हाथों में तेरा चेहरा था , जैसे कोई गुलाब होता है -2 और सहारा लिया था बाहों का वो शाम किस तरह भुलाओगे हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हो तुम मुझे यूँ ... मुझको देखे बिना क़रार ना था , एक ऐसा भी दौर गुज़रा है -2 झूठ मानूँ तो पूछलो दिल से मैं कहूंगा तो रूठ जाओगे हाँ तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे जब कभी भी ...

कितना प्यारा वादा है इन मतवाली आँखों का

र \:     ओ सोणिये मार सुटिया               कितना प्यारा वादा - २ है इन मतवाली आँखों का             इस मस्ती में सूझे ना क्या कर डालूँ हाल मोहे स.म्भाल             ओ साथिया ओ बेलिया ल \:    कितना प्यारा वादा ...             हो उजाला या अँधेरा कहीं ना छूटे हाथ तेरा             कोई मेरा ना तेरे बिन पिया निभाना साथ मेरा र \:     अरे कोरा \- कोरा गोरा \- गोरा ये अंग तोरा             हाय पागल मोहे बना दिया             कितना प्यारा वादा ...             बरसों मैने मन जलाया म...

कोई नज़राना ले कर आया हूँ

फ़लक़ से तोड़ कर देखो , सितारे लोग लाए हैं मगर मैं वो नहीं लाया , जो सारे लोग लाए हैं कोई नज़राना ले कर आया हूँ , मैं दीवाना तेरे लिए कोई नज़राना ले कर आया हूँ , मैं दीवाना तेरे लिए आज छलका है ख़ुशियों से दिल का पैमाना तेरे लिए कोई नज़राना ले कर आया हूँ , मैं दीवाना तेरे लिए सभी के दिलों को ये धड़का रहा है समाँ साज़-ए-दिल पे ग़ज़ल गा रहा है सभी के दिलों को ये धड़का रहा है समाँ साज़-ए-दिल पे ग़ज़ल गा रहा है सारी बातें रुक गई हैं.. सबकी आँखें झुक गई हैं.. तेरी महफ़िल में आया शायर कोई मस्ताना तेरे लिए तेरी महफ़िल में आया शायर कोई मस्ताना तेरे लिए कोई नज़राना ले कर आया हूँ , मैं दीवाना तेरे लिए कहेगी निगाहें सुनेगी निगाहें जुबां से ना होगी बयाँ ये कहानी कहेगी निगाहें सुनेगी निगाहें जुबां से ना होगी बयाँ ये कहानी हो मुबारक ये हसीं दिन.. कोई समझा ना तेरे बिन.. मेरे चेहरे पे दिल ने लिखा है , इक अफसाना तेरे लिये मेरे चेहरे पे दिल ने लिखा है , इक अफसाना तेरे लिये कोई नज़राना ले कर आया हूँ , मैं दीवाना तेरे लिए तुझे दुश्मनों की नज़र लग न जाए रहें दूर तु...

तेरी प्यारी प्यारी सूरत को, किसीकी नज़र ना लागे

तेरी प्यारी प्यारी सूरत को , किसीकी नज़र ना लागे चश्म \- ए \- बद्दूर मुखड़े को छुपालो आंचल में , कहीं मेरी नज़र ना लगे चश्म \- ए \- बद्दूर यूँ ना अकेले फिरा करो , सबकी नज़र से डरा करो (२) फूल से ज्यादा नाज़ुक हो तुम चाल सम्भल कर चला करो ज़ुल्फ़ों को गिरा लो गालों पर , मौसम की नज़र ना लगे चश्म \- ए \- बद्दूर तेरी प्यारी प्यारी... एक झलक जो पाता है , राही वहीं रुक जाता है (२) देखके तेरा रूप सलोना चाँद भी सर को झुकाता है देखा न करो तुम आईना कहीं खुद की नज़र ना लगे चश्म \- ए \- बद्दूर तेरी प्यारी प्यारी...

तुम ने किसी की जान को जाते हुए देखा है

तुम ने किसी की जान को जाते हुए देखा है वो देखो मुझसे रूठकर , मेरी जान जा रही है क्या जाने किस क़ुसूर की , दी हैं मुझे सज़ाएं दीवाना कर रही हैं , तौबा शिकन अदाएं ज़ुल्फ़ों में मुँ छुपाकर , मुझको लुभा रही है घबरा रही है ख़ुद भी , बेचैन हो रही है अपने ही ख़ून \- ए \- दिल में दामन डुबो रही है बेजान रह गए हम , वो मुस्करा रही है मस्ती भरी हवाओं अब जाके रोक लो तुम तुमको मेरी क़सम है समझा के रोक लो तुम उसकी जुदाई दिल पर , नश्तर चला रही है

यूं ही तुम मुझसे बात करती हो

र: यूँही तुम मुझसे बात करती हो     या कोई प्यार का इरादा है ल: अदाएं दिल की जानता ही नहीं     मेरा हमदम भी कितना सादा है र: रोज़ आती हो तुम ख़यालों में ( २)     ज़िंदगी में भी मेरी आ जाओ     बीत जाए न ये सवालों में     इस जवानी पे कुछ तरस खाओ ल: हाल \- ए \- दिल समझो सनम      ( २)     मुँह से न कहेंगे हम     हमारी भी कोई मर्यादा है , यूँही तुम...     र: बन गई हो मेरी सदा के लिये     या मुझे यूँ ही तुम बनाती हो ल: कहीं बाहों में न भर लूँ तुमको     क्यों मेरे हौसले बढ़ाती हो र: हौसले और करो , फ़ासले दूर करो     पास आते न डरो     दिल न तोड़ेंगे अपना वादा है , यूँही तुम...     र: भोलेपन में है वफ़ा की खुशबू     इसपे सब कुछ न क्यूँ लुटाऊँ मैं ल: मेरा बेताब दिल ये कहता है     तेरे साए से लिपट जाऊँ मैं र: म...

ओ मेरी महबूबा, महबूबा, महबूबा

ओ मेरी महबूबा , महबूबा , महबूबा तुझे जाना है तो जा , तेरी मर्ज़ी मेरा क्या पर देख तू जो रूठ कर चली जाएगी तेरे साथ ही मेरे मरने की ख़बर आएगी जो भी हो मेरी इस प्रेम-कहानी का पर क्या होगा तेरी मस्त जवानी का आशिक़ हूँ मैं तेरे दिल में रहता हूँ अपनी नहीं मैं तेरे दिल की कहता हूँ तौबा-तौबा फिर क्या होगा कि बाद में तू इक रोज़ पछताएगी ये रुत प्यार की जुदाई में ही गुज़र जाएगी ओ मेरी मेहबूबा... तेरी चाहत मेरा चैन चुराएगी लेकिन तुझको भी तो नींद ना आएगी मैं तो मर जाऊँगा लेकर नाम तेरा नाम मगर कर जाऊँगा बदनाम तेरा तौबा-तौबा फिर क्या होगा कि याद मेरी दिल तेरा तड़पाएगी मेरे जाते ही तेरे आने की ख़बर आएगी ओ मेरी महबूबा... दीवाना मस्ताना मौसम आया है ऐसे में तूने दिल को धड़काया है माना अपनी जगह पे तू भी क़ातिल है पर यारों से तेरा बचना मुश्किल है तौबा-तौबा फिर क्या होगा फिर प्यार में नज़र जब टकराएगी तड़पती हुई मेरी जान तू नज़र आएगी ओ मेरी महबूबा...

मेने पूछा चाँद से की देखा है कहीं

मैंने पूछा चाँद से कि , देखा है कहीं मेरे यार सा हसीं चाँद ने कहा , चांदनी की क़सम नहीं , नहीं , नहीं … मैंने पूछा चाँद से … मैंने ये हीज़ाब तेरा ढूंढा , हर जगह शबाब तेरा ढूंढा कलियों से मिसाल तेरी पूछी , फूलों ने जवाब तेरा ढूंढा मैंने पूछा बाग से , फ़लक हो या जमीं , ऐसा फूल है कहीं बाग़ ने कहा हर कली की क़सम नहीं नहीं , नहीं … मैंने पूछा चाँद से … हो.. चाल है की मौज की रवानी , जुल्फ़ है की रात की कहानी होंठ है की आईने कवल के , आँख है के महका दो की रानी मैंने पूछा जाम से , फ़लक हो या जमीं , ऐसी मह भी है कहीं जाम ने कहा महकशीं की क़सम नहीं नहीं , नहीं.. मैंने पूछा चाँद से … खुबसूरती जो तूने पाई , लुट गयी ख़ुदा की बस ख़ुदाई मीर के गज़ल कहूँ तुझे मैं या , कहूँ खीयाम की रुबाई मैं जो पूछूं शायरों से , ऐसा दिल नाशी कोई शेर है कहीं शायर कहे शायरी की क़सम , नहीं , नहीं , नहीं … मैंने पूछा चाँद से कि देखा है कहीं मेरे यार सा हसीं चाँद ने कहा , चांदनी की क़सम नहीं , नहीं , नहीं.. मैंने पूछा चाँद से..

मुझे इश्क है तुझी से, मेरी जान-ए-जिंदगानी

मुझे इश्क है तुझी से , मेरी जान-ए-जिंदगानी तेरे पास मेरा दिल है , मेरे प्यार की निशानी मेरी   ज़िन्दगी में तू है , मेरे पास   क्या कमी है जिसे ग़म नहीं खिज़ा का , वो बहार तूने दी है   मेरे हाल पर हुई है , तेरी ख़ास महरबानी तेरे पास मेरा दिल... तेरे हुस्न ने दिखाई , मुझे बेखुदी की राहें ये हसीन लब नशीले , ये झुकी झुकी निगाहें तेरी ज़ुल्फ़ से उठी है , ये घटाओं की जवानी मुझे इश्क है तुझी से , मेरी जान-ए-जिंदगानी तेरे पास मेरा दिल है , मेरे प्यार की निशानी

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ तेरे प्यार में कविता

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ तेरे प्यार में कविता -2 तुझे दिल के आइने में मैं ने बार बार देखा तेरी अखियों में देखा तो छलकता प्यार देखा तेरा दर्द मैं ने देखा तो जिगर के पार देखा मैं कहीं कवि न बन जाऊँ   ... तेरा रंग है सलोना तेरे अंग में लचक है तेरी बात में है जादू तेरे बोल में खनक है तेरी हर अदा मुहब्बत तू ज़मीन की धनक है मैं कहीं कवि न बन जाऊँ   ... मेरा दिल लुभा रहा है तेरा रूप सादा सादा ये झुकी झुकी निगाहें करे प्यार और ज्यादा मैं तुझी पे जान दूँगा , है यही मेरा इरादा मैं कहीं कवि न बन जाऊँ   ...

बोल मेरे साथिया कितना मुझसे प्यार है

बोल मेरे साथिया कितना मुझसे प्यार है जितनी सागर की गहराई जितनी अम्बर की ऊंचाई उतना तुमसे प्यार है बोल मेरे साथिया कितना मुझसे प्यार है जितनी सागर की गहराई जितनी अम्बर की ऊंचाई उतना तुमसे प्यार है रंग डाला ये जीवन हमने तेरे प्यार में-2 ये तन मन तेरा है तू है दिल के तार में सदियाँ बीती तुम पर मरते, नाम तुम्हारा जपते मौसम बदले, हम ना बदले, ये अपना इकरार है बोल मेरे साथिया कितना मुझसे प्यार है जितनी सागर की गहराई जितनी अम्बर की ऊंचाई उतना तुमसे प्यार है बोल मेरे साथिया कितना मुझसे प्यार है जितनी सागर की गहराई जितनी अम्बर की ऊंचाई उतना तुमसे प्यार है

चुरा लिया है तुम ने जो दिल को

चुरा लिया है तुम ने जो दिल को नज़र नहीं चुराना सनम बदल के मेरी तुम ज़िंदगानी कहीं बदल न जाना सनम ले लिया दिल , हाय मेरा दिल हाय दिल लेकर मुझको ना बहलाना चुरा लिया... चुरा लिया   है ... बहार बन के आऊँ कभी तुम्हारी दुनिया में गुज़र न जाएं ये दिन कहीं इसी तमन्ना में     तुम मेरे हो , हाँ तुम मेरे हो आज तुम इतना वादा करते जाना चुरा लिया ... चुरा लिया है ... सजाऊँगा लुट कर भी तेरे बदन की डोली को लहू जिगर का दूँगा हंसीं लबों की लाली को है वफ़ा क्या ,  इस जहाँ को एक दिन दिखला दूँगा मैं दीवाना चुरा लिया...   चुरा लिया है ... ले लिया दिल , हाय मेरा दिल हाय दिल लेकर मुझको ना बहलाना चुरा लिया... चुरा लिया है ...

तेरी रब ने बना दी जोड़ी, तेरी रब ने

र: तेरी रब ने बना दी जोड़ी , तेरी रब ने तेरी रब ने बना दी जोड़ी तू हाँ कर या न कर यारा , हो यारा ये बोले जोगी का एकतारा हो आ: ओ तेरी रब ने बना दी जोड़ी तू हाँ कर या न कर यारा , हो यारा ये बोले जोगी का एकतारा हो शै: क्या बोले तेरा एकतारा क्या बोले हो क्या बोले तेरा एकतारा , मुझे क्या लेना है जोगी हो जोगी मेरी शादी मर्ज़ी से होगी हो आ: क्या करने हैं घोड़े-हाथी , क्या करने हैं बाराती नैनों की इस डोली में , चल मुझे बिठा ले साकी ऐसी लड़की कहाँ मिलती है , गुड़िया की तरह हिलती है दिन-रात तड़पते हैं भँवरे , तब एक कली खिलती है शै: हट जाओ मुझे जाने दो हट जाओ , ओ हट जाओ मुझे जाने न खनकाओ खन-खन कँगना , ओ कँगना मुझे नहीं बनना तेरा सजना हो आ: ( पहले क्यूँ आँख लड़ाई , गोरी की नींद चुराई ) -२ कर के बदनाम किसी को , बनता है अब हरजाई र: इस जट यमले से डरना , अब तू इन्कार न करना चुप कर के बन जा दूल्हा , ये लाठी देख ले वरना शै: मत बाँधो ज़बरदस्ती से मत बाँधो , ओ मत बाँधो ज़बरदस्ती से मेरे सर सेहरे की लड़ियाँ , ओ लड़ियाँ तुम्हें लग जायेंगी हथकड़ियाँ आ: सच बोले दुनिया सारी ,...