कोई नज़राना ले कर आया हूँ
फ़लक़ से तोड़
कर देखो,
सितारे लोग लाए हैं
मगर मैं वो
नहीं लाया,
जो सारे लोग लाए हैं
कोई नज़राना
ले कर आया हूँ, मैं दीवाना
तेरे लिए
कोई नज़राना
ले कर आया हूँ, मैं दीवाना
तेरे लिए
आज छलका है
ख़ुशियों से दिल का पैमाना तेरे लिए
कोई नज़राना
ले कर आया हूँ, मैं दीवाना
तेरे लिए
सभी के दिलों को ये धड़का रहा है
समाँ
साज़-ए-दिल पे ग़ज़ल गा रहा है
सभी के दिलों
को ये धड़का रहा है
समाँ
साज़-ए-दिल पे ग़ज़ल गा रहा है
सारी बातें रुक गई हैं.. सबकी आँखें झुक गई हैं..
तेरी महफ़िल
में आया शायर कोई मस्ताना तेरे लिए
तेरी महफ़िल
में आया शायर कोई मस्ताना तेरे लिए
कोई नज़राना
ले कर आया हूँ, मैं दीवाना
तेरे लिए
कहेगी
निगाहें सुनेगी
निगाहें
जुबां से ना
होगी बयाँ ये कहानी
कहेगी
निगाहें सुनेगी निगाहें
जुबां से ना
होगी बयाँ ये कहानी
हो मुबारक ये हसीं दिन.. कोई समझा ना तेरे बिन..
मेरे चेहरे
पे दिल ने लिखा है, इक अफसाना
तेरे लिये
मेरे चेहरे
पे दिल ने लिखा है, इक अफसाना
तेरे लिये
कोई नज़राना
ले कर आया हूँ, मैं दीवाना
तेरे लिए
तुझे
दुश्मनों की नज़र लग न जाए
रहें दूर
तुझसे सदा ग़म के साए
तुझे
दुश्मनों की नज़र लग न जाए
रहें दूर
तुझसे सदा ग़म के साए
गुनगुनाए तू
हमेशा.. मुस्कराए तू हमेशा..
गुलशन बन जाए
उम्मीदों का हर एक वीराना तेरे लिए
गुलशन बन जाए
उम्मीदों का हर एक वीराना तेरे लिए
कोई नज़राना
ले कर आया हूँ मैं दीवाना तेरे लिए
आज छलका है
ख़ुशियों से दिल का पैमाना तेरे लिए..
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