गर तुम भुला ना दोगे

गर तुम भुला ना दोगे, सपने ये सच ही होंगे
हम तुम जुदा ना होंगे
मालिक ने अपने हातों जिस दम हमे बनाया
डाली दिलों में धड़कन और दिल से दिल मिलाया
फिर प्यार का फरिश्ता दुनिया में लेके आया
गर तुम भुला ना दोगे, सपने ये सच ही होंगे
हम तुम जुदा ना होंगे
पत्थर की है लकीरें एहद-ए-वफा हमारे
हरगिज ना मिट सकेंगे नाम-ओ-निशाँ हमारे
चाहत की मंजिलों पर हर साँस ये पुकारे
गर तुम भुला ना दोगे, सपने ये सच ही होंगे
हम तुम जुदा ना होंगे
जीवन के हर सफ़र में, हम साथ ही रहेंगे
दुनिया की हर डगर पर, हम साथ ही चलेंगे
हम साथ ही जियेंगे, हम साथ ही मरेंगे
गर तुम भुला ना दोगे, सपने ये सच ही होंगे
हम तुम जुदा ना होंगे


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