तुम ने मुझे देखा, हो कर मेहर्बां
तुम ने मुझे देखा , हो कर मेहर्बां रुक गई ये ज़मीं , रुक गई ज़मीं थम गया आसमां , जान \- ए \- मन जान \- ए \- जां ) \- २ तुम ने मुझे देखा ओ कहीं दर्द के सहरा में , रुकते चलते होते इन होंठों की हसरत में , तपते जलते होते मेहर्बां हो गई , ज़ुल्फ़ की बदलियाँ जान \- ए \- मन , जान \- ए \- जां तुम ने मुझे देखा ... ओ , लेकर ये हसीं जलवे , तुम भी न कहाँ पहुँचे आखिर को मेरे दिल तक , कदमों के निशां पहुँचे खत्म से हो गए रास्ते सब यहाँ जान \- ए \- मन , जान \- ए \- जां तुम ने मुझे देखा ..