गोविंदा आला रे आला ज़रा मटकी स.म्भाल बृजबाला
र \: गोविंदा आला रे आला ज़रा मटकी स.म्भाल
बृजबाला
को \: गोविंदा आला रे ...
र \: अरे एक दो तीन चार संग पाँच छः सात हैं
ग्वाला
को \: अरे एक दो तीन ...
र \: आई माखन के चोरों की सेना
को \: आई माखन के चोरों की सेना
र \: ज़रा बचके स.म्भल के जी रहना
को \: ज़रा बचके स.म्भल के जी रहना
र \: बड़ी नटखट है फ़ौज कहीं आई जो मौज
( नहीं
बचने का ) -2 कोई भी ताला ताला
गोविंदा
आला रे ...
हो
कैसी निकली है झूम के ये टोली
को \: हो कैसी निकली है झूम के ये टोली
र \: आज खेलेगी दूध से ये होली
को \: आज खेलेगी दूध से ये होली
र \: भीगे कितना भी अंग ठंडी हो ना उमंग
( पड़े
इनसे ) -2 किसी का न पाला पाला
गोविंदा
आला रे ...
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