तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम, आज के बाद
तेरी गलियों
में ना रखेंगे कदम, आज के बाद
तेरे मिलने
को न आएंगे सनम, आज के बाद
तेरी गलियों
में ना ...
तू
मेरा मिलना ...
तू मेरा
मिलना समझ लेना एक सपना था
तुझको आखिर
मिल ही गया जो तेरा अपना था
हम को दुनिया
में समझना ना सनम, आज के बाद
तेरे मिलने
को ना आएंगे सनम, आज के बाद
गिर
के आएंगी ...
गिर के आएंगी
घटाएं फिर से सावन की
तुम तो बाहों
में रहोगी अपने साजन की
गले हम ग़म को
लगाएंगे सनम, आज के बाद
तेरे मिलने
को ना आएंगे सनम, आज के बाद
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