ढल गया दिन हो गई शाम जाने दो जाना है
आ \: ढल गया दिन हो गई शाम जाने दो जाना है
र \: अभी\-अभी तो आई हो
अभी\-अभी जाना है
आ \: ढल गया दिन ...
र \: सितम मेरे दिल पे जो ढाए क़सम लगे उसको
मेरी जो जाए
आ \: ना ऐसे देखो मुझे न रोको ज़रा ये सोचो बुरा
ज़माना है
र \: अभी\-अभी तो आई
...
आ \: गुज़ारी साथ हमने कई रातें न जाने कब ख़त्म
होंगी तेरी बातें
र \: अभी न जाना कोई तराना कोई फ़साना अभी
सुनाना है
आ \: ढल गया दिन ...
र \: बनाते हो ये रोज़ ही बहाना न जाने देगा आज
तुमको ये दीवाना
आ \: माना जी माना तू है दीवाना मेरा दीवाना
बड़ा सयाना है
आ \: ढल गया दिन ...
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