ये वादियाँ ये फ़िज़ाएं बुला रही हैं तुम्हे

ये वादियाँ ये फ़िज़ाएं बुला रही हैं तुम्हे-2
खामोशियों की सदाएं बुला रही हैं तुम्हे
ये वादियाँ ये फ़िज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हे

तुमहारी ज़ुल्फों से खुशबू की भीख लेने को
झुकी झुकी सी घटाएं बुला रही हैं तुम्हे
खामोशियों की सदाएँ ...

हसीं चम्पाई पैरों को जबसे देखा है
नदी की मस्त अदाएं बुला रही हैं तुम्हे
खामोशियों की सदाएँ ...

मेरा कहा ना सुनो दिल की बात तो सुनलो
हर एक दिल की दुआएँ बुला रही हैं तुम्हे
खामोशियों की सदाएं बुला रही हैं तुम्हे

ये वादियाँ ये फ़िज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हे ...


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