मैं गाऊँ तुम सो जाओ, सुख सपनों में खो जाओ

मैं गाऊँ तुम सो जाओ, सुख सपनों में खो जाओ
माना आज की रात है लम्ब, माना दिन था भारी
पर जग बदला बदलेग, एक दिन तक़दीर हमारी
उस दिन के ख्वाब सजाओ

कल तुम जब आँखें खोलोगे, जब होगा उजियारा
खुशियों का सन्देशा लेकर, आएगा सवेरा प्यारा
मत आस के दीप बुझाओ,
मैं गाऊँ ...

जी करता है जीते जी, मैं यूँ ही गाता जाऊं
गर्दिश में थके हाथों का, माथा सहलाता जाऊं
फिर इक दिन तुम दोहराओ,
सुख सपनों ...


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