भरी दुनिया
में आख़िर दिल को समझाने कहाँ जाएं
मुहब्बत हो
गई जिनको वो दीवाने कहाँ जाएं
लगे हैं शम्मा पर पहरे ज़माने की निगाहों के
जिन्हें जलने
की हसरत है वो परवाने कहाँ जाएं
सुनाना भी जिन्हें मुश्किल छुपाना भी जिन्हें
मुश्किल
ज़रा तू ही
बता ऐ दिल वो अफ़साने कहाँ जाएं
भरी दुनिया
में आख़िर दिल को समझाने कहाँ जाएं
मुहब्बत हो
गई जिनको वो दीवाने कहाँ जाएं
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