तुम ने मुझे देखा, हो कर मेहर्बां

तुम ने मुझे देखा, हो कर मेहर्बां
 रुक गई ये ज़मीं, रुक गई ज़मीं
 थम गया आसमां, जान\-\-मन जान\-\-जां) \-
तुम ने मुझे देखा

कहीं दर्द के सहरा में, रुकते चलते होते
इन होंठों की हसरत में, तपते जलते होते
मेहर्बां हो गई, ज़ुल्फ़ की बदलियाँ
जान\-\-मन, जान\-\-जां
तुम ने मुझे देखा ...

, लेकर ये हसीं जलवे, तुम भी न कहाँ पहुँचे
आखिर को मेरे दिल तक, कदमों के निशां पहुँचे
खत्म से हो गए रास्ते सब यहाँ
जान\-\-मन, जान\-\-जां
तुम ने मुझे देखा ..

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