बहुत शुक्रिया बड़ी मेहरबानी

र: बहुत शुक्रिया बड़ी मेहरबानी
मेरी ज़िन्दगी में हुज़ूर आप आए
कदम चूम लूँ या ये आँखें बिछा दूँ
करूँ क्या ये मेरी समझ में न आए
बहुत शुक्रिया...

करूँ पेश तुमको नज़राना दिल का
नज़राना दिल का
के बन जाए कोई अफ़साना दिल का
खुदा जाने ऐसी सुहानी घड़ी फिर
मेरी ज़िन्दगी में पलट के न आए
बहुत शुक्रिया...

खुशी तो बहुत है, मगर ये भी ग़म है
के ये साथ अपना कदम दो कदम है
मगर ये मुसाफ़िर दुआ माँगता है
खुदा आपसे किसी दिन मिलाए
बहुत शुक्रिया...

आ:
मुझे डर है मुझमें ग़ुरूर आ न जाए
लगूँ झूमने मैं सुरूर आ न जाए
कहीं दिल ये मेरा ये तारीफ़ सुनकर
तुम्हारा बने और मुझे भूल जाए
बहुत शुक्रिया...


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