छलकाए जाम आइये आपकी आँखों के नाम,

छलकाए जाम, आइये आपकी, आँखों के नाम, होंटो के नाम
फूल जैसे तन पे जलवे, (ये रंग-ओ-बुके-2)
आज जाम-ए-मय उठे (इन होंटो को छु के-2)
लचकाइए शाख-ए-बदन, महकाइए जुल्फों की शाम
छलकाए जाम, आइये आपकी, आँखों के नाम, होंटो के नाम
आप ही का नाम लेकर (पि है सभी ने-2)
आप पर धड़क रहे है, (प्यालों के सिने-2)
यहाँ अजनबी कोई नहीं, ये है आपकी महफ़िल तमाम
छलकाए जाम, आइये आपकी, आँखों के नाम, होंटो के नाम
कोन हर किसी की बाहें (बाँहों में डाले-2)
जो नजर नशा पिलाये, (वो ही संभाले-2)
दुनिया को हो ओरों की धुन, हम को तो है सकी से काम
छलकाए जाम, आइये आपकी, आँखों के नाम, होंटो के नाम


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